भारत ने अफगानिस्तान को एक पारी और 262 रन से हरा ऐतिहासिक जीत दर्ज की

भारत ने अफगानिस्तान को एक पारी और 262 रन से हरा ऐतिहासिक जीत दर्ज की भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। टीम इंडिया ने इस मैच को महज 2 दिन के अंदर एक पारी और 262 रनों से अपने नाम कर लिया। भारत ने पहली पारी में 474 रनों का स्कोर बनाया था। जिसके जवाब में अफगानिस्तान ने पहली पारी में 109 और दूसरी पारी में महज 103 रन ही बनाए। इसके साथ ही भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड जीत दर्ज की। पहली पारी में 109 पर सिमटने के बाद टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को फॉलोऑन खेलने के लिए कहा। अफगानिस्तान की दूसरी पारी का हाल भी पहली पारी की तरह ही रहा। मोहम्मद शहजाद पहली पारी की तरह सस्ते (13) में पवेलियन लौट गए और भारत को पहली सफलता 19 रन पर ही मिल गई। इसके बाद अभी स्कोर में 3 रन और जुड़े थे कि जावेद अहमदी (3) रन बनाकर चलते बने। शुरुआती झटकों से अफगानिस्तान उबर भी नहीं पाया था कि जब टीम का स्कोर 22 पर  ही नबी (0) तीसरे विकेट और 24 पर रहमत शाह चौथे विकेट के रूप में आउट हो

भारत की दिव्या की तूती जनरल मोटर्स में गूंजी

भारत की दिव्या की तूती जनरल मोटर्स में गूंजी दिव्या सूर्यदेवरा. ये वो नाम है जो आज इंटरनेट पर छाया हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की दिव्या अमरीका की मशहूर कार कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) की पहली महिला सीएफ़ओ यानी चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफ़िसर बन गई हैं. जनरल मोटर्स ने गुरुवार को दिव्या के सीएफ़ओ बनने की घोषणा की. कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “दिव्या सूर्यदेवरा 1 सितंबर 2018 से सीएफ़ओ का काम देखेंगी और सीईओ मैरी बरा को रिपोर्ट करेंगी.” जनरल मोटर्स की चेयरपर्सन और सीईओ मैरी बरा ने भी ट्वीट करके दिव्या को बधाई दी है. दिव्या सूर्यदेवरा. ये वो नाम है जो आज इंटरनेट पर छाया हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की दिव्या अमरीका की मशहूर कार कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) की पहली महिला सीएफ़ओ यानी चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफ़िसर बन गई हैं. जनरल मोटर्स ने गुरुवार को दिव्या के सीएफ़ओ बनने की घोषणा की. कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “दिव्या सूर्यदेवरा 1 सितंबर 2018 से सीएफ़ओ का काम देखेंगी और सीईओ मैरी बरा को रिपोर्ट करेंगी.” जनरल मोटर्स की चेयरपर्सन और सीईओ मैरी बरा ने भी ट्वीट करके दिव्या को बधाई दी है.

भाषण का अंदाज बदला  PM मोदी ने, अपने भाषण में कांग्रेस को एक बार भी नहीं कोसा

भाषण का अंदाज बदला  PM मोदी ने, अपने भाषण में कांग्रेस को एक बार भी नहीं कोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमतौर पर कांग्रेस पर हमला करने से पीछे नहीं हटते, लेकिन छत्तीसगढ़ के भिलाई में प्रधानमंत्री मोदी का बदला हुआ अंदाज देखने को मिला. भिलाई की आम सभा में उन्होंने एक बार भी कांग्रेस का नाम नहीं लिया. प्रधानमंत्री मोदी का ये बदला हुआ अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. बदले हुए अंदाज में उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि पुरानी सरकार जिन इलाकों में सड़कें तक बनाने से पीछे हट जाती थीं वहां आज सड़कों के साथ हवाई अड्डे बन रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले लोग भी हवाई जहाज में बैठ सकें. इसके बाद एक बार फिर उन्होंने कांग्रेस पर बगैर नाम लिए हमला किया. उन्होंने कहा कि रमन सिंह पिछले दस साल से आईआईटी की मांग कर रहे थे, लेकिन पिछली सरकार के बारे में तो आप जानते ही हैं. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनके आगमन के मौके पर 22 हजार करोड़ की सौगात छत्तीसगढ़ को मिली है. इससे यह राज्य न्यू इंडिया की दौड़ में सबसे आगे नजर आएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने लंबे अरसे बाद

सूरज भोपाल में करीब 14 घंटे का होगा दिन, 13 घंटे 34 मिनट तक दिखेगा

सूरज भोपाल में करीब 14 घंटे का होगा दिन, 13 घंटे 34 मिनट तक दिखेगा अब तक आप 21 जून को सबसे बड़ा दिन मानते रहे हैं। और ये भी जानते होंगे कि इस दिन दोपहर के समय परछाई गायब हो जाती है। लेकिन मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 21 जून प्रचलन में आ गई है। जबकि सबसे बड़ा दिन होने की तारीख में फेरबदल होता है। ये तारीख जून के दूसरे सप्ताह से तीसरे सप्ताह तक कभी भी आ सकती है। और ये निर्धारित होता है सूर्य की स्थिति पर कि वह इन दिनों में किस डिग्री पर है। बुधवार को भोपाल में दिन सबसे बड़ा और रात सबसे छोटी होगी। मतलब राजधानी भोपाल में 14 जून को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का समय करीब 13 घंटे 34 मिनट का रहेगा। सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद का समय और जोड़ लिया जाए तो ये अवधि करीब साढ़े चौदह घंटे की हो जाएगी। – वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला के मुताबिक लोग सबसे बड़ा दिन 21 जून को मानते हैं, परंतु ऐसा नहीं है। चूंकि बुधवार को सुर्य की किरणें 22.50 डिग्री उत्तरी अक्षांश रेखा पर सीधी पड़ रही हैं, जिसका केंद्र भोपाल है। मतलब भोपाल में सूरज

मारुति स्विफ्ट का नया मॉडल बाजार में छा गया

मारुति स्विफ्ट का नया मॉडल बाजार में छा गया मारुति सुजुकी की लोकप्रिय कार स्विफ्ट के लेटेस्ट जेनरेशन मॉडल को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इस गाड़ी की महज 145 दिनों में रेकॉर्ड एक लाख यूनिट्स की बिक्री हुई है। यह माइलस्टोन सबसे तेज हासिल करने वाली स्विफ्ट भारत की सबसे पॉप्युलर हैचबैक बन गई है। टाटा ने लॉन्च की यह नई कार, यहां क्लिक कर जानें कीमत और फीचर्स के डीटेल्स मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर(मार्केटिंग ऐंड सेल्स) आर एस काल्सी ने कहा कि थर्ड जेनरे स्विफ्ट पावर पैक्ड परफॉर्मेंस के साथ ही सेफ्टी के मामले में भी अडवांस है। 2005 में लॉन्च होने के बाद से ही स्विफ्ट के हर जेनरेशन के मॉडल्स का दबदबा देखने को मिला है। इसकी अब तक भारत में कुल 1.89 मिलियन यूनिट्स बिक चुकी हैं। यह एक इत्तेफाक ही था कि मारुति की भारत में 20 मिलियन यूनिट्स के आंकड़े में आखिरी गाड़ी भी स्विफ्ट ही थी। मारुति सुजुकी स्विफ्ट का 1.2 लीटर पेट्रोल मॉडल नई दिल्ली में 4.99 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत पर अवेलेबल है। वहीं इसका बेस 1.3 लीटर वर्जन नई दिल्ली में 5.99 लाख रुपये की एक्स शोरूम कीमत पर अवेलेबल है।

मद्रास हाई कोर्ट का बागी विधायकों की सदस्यता पर फैसला आज

मद्रास हाई कोर्ट का बागी विधायकों की सदस्यता पर फैसला आज मद्रास हाई कोर्ट गुरुवार को 18 विधायकों की सदस्यता रद्द किए जाने के मामले में लगभग पांच महीने के इंतजार के बाद फैसला सुनाएगा। चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एम सुंदर की बेंच पहले से रिजर्व किए गए फैसले को दोपहर करीब 1 बजे सुनाएगी। फैसले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। अगर विधायक यह केस हारते हैं तो सरकार को कोई खतरा नहीं होगा। हालांकि, 18 सीटों पर आने वाले उपचुनावों पर इसका असर पड़ सकता है। वहीं, अगर विधायक केस जीत जाते हैं और सरकार के खिलाफ वोट देते हैं तो सरकार गिर जाएगी। 234 सदस्यों के सदन में अगर सभी सदस्य वोट करें तो सरकार को बहुमत के लिए 117 वोटों की जरूरत होगी। मौजूदा 113 की संख्या से यह बस चार वोट अधिक है। लंबे समय से बीमार चल रहे डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि सदन की कार्यवाही में शामिल होने तो नहीं पहुंच सके हैं लेकिन पार्टी प्रवक्ता के मुताबिक वह वोट करने जरूर पहुंचेंगे। इस बारे में बागी नेता थंग तमिल सेल्वन ने बताया कि वह अम्मा की सरकार को गिराना नहीं चाहते, अपना हक चाहते हैं। कई बागी

भय्यू महाराज की मौत भी तल्खी कम नहीं कर पाई

भय्यू महाराज की मौत भी तल्खी कम नहीं कर पाई   अपनी दूसरी शादी के बाद पत्नी और बेटी के बीच चल रहे विवाद से आहत भय्यू महाराज जान देकर भी पत्नी आयुषी और बेटी कुहू को एक धारा में नहीं ला सके। उनकी मौत के बाद भी दोनों के बीच तल्खी कायम रही। सिल्वर स्प्रिंग स्थिति घर पर मंगलवार दोपहर से बुधवार सुबह तक दोनों अलग-अलग कमरों में ही रहीं। यहां तक कि उनके बीच विवाद न हो जाए, इसलिए महिला पुलिसकर्मी कमरों के बाहर तैनात की गईं। बुधवार सुबह भी जब भय्यू महाराज का पार्थिव शरीर दर्शनों के लिए सूर्योदय आश्रम में रखा गया था तब भी सुबह से दोपहर तक आयुषी और कुहू दोनों उनके सिरहाने बैठी रहीं। दोनों के बीच न कोई बात हुई न दु:ख की इस घड़ी में उन्होंने एक-दूसरे के ढाढ़स बंधाया। आयुषी अपने परिजन और आश्रम के सेवादारों के बीच थी तो कुहू अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ थी। हजारों ने नम आंखों से दी विदाई भय्यू महाराज की अंतिम यात्रा में इंदौर सहित महाराष्ट्र, गुजरात से आए हजारों गुरुभक्त शामिल हुए। भावुक भक्तों ने ‘भय्यू महाराज अमर रहे’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा भय्यूजी का नाम रहेगा’ जैसे नारे

ये मुलाकात नहीं थी आसान ट्रंप से हाथ मिलाकर बोले किम जोंग

ये मुलाकात नहीं थी आसान ट्रंप से हाथ मिलाकर बोले किम जोंग एक दूसरे को खुले तौर पर परमाणु युद्ध और सबक सिखाने की धमकी देने वाले दुनिया के दो बड़े नेताओं ने आज सारी दूरियां मिटाकर एक दूसरे से हाथ मिलाया. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के प्रमुख किम जोंग उन ने सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप में एक दूसरे से हाथ मिलाया और हंसकर बातचीत भी की. दोनों नेताओं के बीच हो रही ये बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक हैं. अमेरिका के किसी सिटिंग राष्ट्रपति ने पहली बार किसी उत्तर कोरियाई नेता से मुलाकात की है. वहीं, सत्ता संभालने के 7 साल बाद किम जोंग उन पहली बार इतनी लंबी विदेश यात्रा पर आए हैं. मीटिंग पर 100 करोड़ खर्च इस मुलाकात में कोई कमी न रह जाए इसके लिए मेजबान सिंगापुर भी जबरदस्त तैयारी कर चुका है. ये तैयारी कितनी जबरदस्त है कि इसका अंदाजा इसी बात से लगाइये कि भारतीय रुपयों में करीब 100 करोड़ का खर्च आ रहा है. लेकिन असल सवाल तो यही है कि मुलाकात होगी तो क्या बात होगी? उत्तर कोरिया के सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक कई मुद्दों पर अहम चर्चाएं होंगी जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें और

23 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर में

23 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के को इंदौर आने की संभावना है। इसके लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने तैयारियां प्रारंभ कर दी है। नेहरू स्टेडियम में माेदी की सभा का आयोजन किया जा रहा है। सभा के लिए स्टेडियम की रंगाई-पुताई प्रारंभ कर दी गई है। रंगाई-पुताई, साफ-सफाई के अलावा स्टेडियम के आसपास अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा। हालांकि अब तक प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री की इंदौर यात्रा की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। – प्रधानमंत्री अपनी इंदौर यात्रा के दौरान इंदौर नगर निगम को लगातार दो बार स्वच्छता सर्वे में नंबर वन आने पर पुरुस्कृत करेंगे। इसके साथ ही कुछ इलेक्ट्रिक बसों का लोकार्पण भी उनसे कराया जाएगा। – मोदी की सभा के लिए पिछले दिनों कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने स्थान की तलाश प्रारंभ की थी उसके बाद नेहरू स्टेडियम को फायनल किया गया था। स्टेडियम की क्षमता लगभग 50 हजार है और यहां मोदी जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके लिए प्रशासन द्वारा स्टेडियम को साफ व सुंदर बनाया जा रहा है। रविवार को नगरीय विकास मंत्री माया सिंह ने पीएम की संभावित सभा के लिए नेहरू स्टेडियम का दौरा किया आैर अधिकारियों की बैठक कर उन्हें निर्देश दिए। – कुछ

दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान के पुल को भोपाल का बताने पर माफी मांगी

दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान के पुल को भोपाल का बताने पर माफी मांगी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को अपने उस ट्वीट पर माफी मांगी है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के एक पुल को भोपाल का रेलवे ब्रिज बताया था। एक वेबसाइट ने इस सूचना को क्रॉस चेक के बाद ट्वीट कर दिग्विजय सिंह पर सवाल उठाया था। इसमें रावलपिंडी के एक डैमेज मेट्रो पिलर को दिखाया गया है जिसे पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर कई बार इस्तेमाल किया जाता रहा है। दिग्विजय सिंह ने उस बेवसाइट को जवाब देते हुए कहा- “मैं माफी मांगता हूं। मेरे एक दोस्त ने इसे मेरे पास भेजा था। इसमें मेरी गलती ये है कि मैने इसे चेक नहीं किया था।” दिग्विजय ने इससे पहले एक तस्वीर को ट्विटर पोस्ट करते हुए भोपाल के सुभाष नगर रेलवे गेट पर बने ओवरब्रिज की क्वालिटी पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने फोटो के साथ लिखा था- “एक भाजपा नेता के मार्गदर्शन में निर्माण हो रहा है, फिर ये सब क्यों और कैसे? वाराणसी की दुर्घटना यहां भी ना हो जाए।” उनके इस ट्वीट के बाद कई ट्वीटर यूजर्स ने दिग्विजय सिंह की आलोचना की और इस ओर इशारा किया। हरीश झारिया ने कहा- यह दरार नहीं