चुन्नीलाल भ्रष्ट तंत्र का महज मोहरा है।

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बुरा जो देखन मैं चला,,,,।

चुन्नीलाल भ्रष्ट तंत्र का महज मोहरा है।
राम मोहन चौकसे

भोपाल।चुन्नीलाल कोई अति विशिष्ट व्यक्ति नहीं।चुन्नीलाल श्यामवर्ण,कृशकाय और अर्द्ध शिक्षित व्यक्ति है।राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित व्यवसायिक क्षेत्र महाराणा प्रताप नगर के जोन 1 में धनाढ्यों की कार पार्किंग का अवैध शुल्क वसूल करना उसकी रोजी रोटी का जरिया है। चुन्नीलाल रातों रात चर्चा में तब आया जब चुन्नीलाल ने नगर निगम के एक बड़े अधिकारी से पार्किंग के रुपये वसूल कर लिए। नगर निगम के अधिकारी को चुन्नीलाल की चतुराई इतनी नागवार गुजरी कि अधिकारी ने चुन्नीलाल को पुलिस के हवाले कर दिया।नगर निगम के अधिकारी ने अपनी वाह वाही का किस्सा समाचार पत्रों में मय फोटो के छपवा दिया। चुन्नीलाल दूसरे दिन अवैध कार पार्किंग वसूली में फिर मुस्तैद पाया गया।

दर असल चुन्नीलाल कोई असामाजिक तत्व अथवा गुंडा नहीं।चुन्नीलाल भ्रष्ट तंत्र का मोहरा मात्र है।कानून को ठेंगा दिखाकर हर दिन हजारों रुपये दिन दहाड़े वसूल करने वाले संगठित गिरोह का अदना सा कर्मचारी है चुन्नीलाल। जो गांव से आकर परिवार पालने के लिए दो सौ रुपये दिन पर वसूली का कार्य करता है। यह विडंबना है कि सरकार चाहे भाजपा की हो अथवा कांग्रेस की,पूरे प्रदेश में संगठित गिरोह द्वारा अलग अलग तरीके सेअवैध वसूली का सिलसिला बदस्तूर जारी है।यह भी कड़वा सच है कि भाजपा के कार्यकाल में कांग्रेस वाले खुला आरोप लगाते हैं कि विहिप, बजरंग दल के गुंडे अवैध वसूली में लिप्त हैं।एक बार मान भी लिया जाए कि कांग्रेस का आरोप सच है तो कांग्रेस की सरकार बनने के बाद भी भोपाल के महाराणा प्रताप नगर के दोनों जोन में पार्किग की अवैध वसूलीक्यों जारी है। चुन्नीलाल जैसा अदना सा आदमी नगर निगम के उपायुक्त मिलिंद ढोके से 20 रुपये रंगे हाथों वसूल करने और पुलिस के हवाले करने के बाद भी दूसरे दिन से उसी स्थान पर कैसे वसूली करने लगा।
महाराणा प्रताप नगर के दोनों जोन में दो पहिया और चार पहिया की पार्किंग की अवैध वसूली वर्षों से जारी है।यह अवैध वसूली लगभग दस स्थानों पर होती है।अवैध वसूली करने वाले संगठित गिरोह को राजनेताओं का खुला संरक्षण प्राप्त है। संबंधित वार्ड, जोन के अधिकारियों से लेकर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को माह की बंधी रकम पहुंच जाती है। भोपाल नगर निगम में भृत्य और बाबू भी जोनल अधिकारी हैं। वरिष्ठ अधिकारी भी वे वरिष्ठ अधिकारी हैं,जो नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर आकर वर्षों जमे रहते हैं।ऐसे अधिकारी नगर निगम को चारागाह समझकर चरते रहते है।राजधानी में लगभग दो दर्जन स्थानों पर पार्किंग की अवैध वसूली जारी है।कोई माई का लाल इसे रोक नही सकता है। सिर्फ पार्किग की अवैध वसूली ही नही, हर शासकीय विभाग में हर कार्य के लिए चुन्नीलाल तैनात हैं।सरकार चाहे भाजपा की अथवा कांग्रेस की।कारण सिर्फ इतना है कि हमाम में सब नंगे हैं।
,,लेखक मप्र के वरिष्ठ और स्वतंत्र पत्रकार हैं,,

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