बैतूल से होगी लोगो को ‘जल का अधिकार’ देने की शुरुआत: पांसे

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भोपाल। देश में मध्यप्रदेश पहला ऐसा राज्य है जहां प्रदेश  सरकार ने अपने नागरिकों की दैनिक बुनियादी जरूरत को कानूनी मान्यता दी है। जलसंकट की स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जल अधिकार अधिनियम लागू करने का अभिनव कदम उठाया है।

जिसके तहत हर व्यक्ति को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में बैतूल पहला ऐसा जिला होगा, जहां के गांव-गांव में निवास करने वाले लोगों को सबसे पहले पानी का अधिकार दिलाया जाएगा। यह बात प्रदेश के पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे ने मंगलवार को बैतूल के पीएचई कार्यालय के निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में कही।

उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत हर व्यक्ति को पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी तो होगी ही, साथ ही पानी का दुरुपयोग भी रोका जाएगा। लोगों को मितव्ययता के साथ पानी का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस अधिनियम में आम जनता की सहभागिता के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने पीएचई अफ सरों को निर्देश दिए कि वे इस बात के लिए सजग रहें कि सभी स्थानों पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। किसी भी स्थान पर लोगों को दूषित पेयजल न मिले। सभी स्थानों पर हैंडपंपों की जांच कर पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने प्रदेश में पिछले 15 साल तक काबिज रही पूर्ववर्ती सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उसने अब तक कोई प्रयास ही नहीं किए। जनता को पीने का पानी तक मुहैया नहीं हो रहा है।

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